Krishi Chaupal

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगी एग्रीश्योर योजना

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगी एग्रीश्योर योजना

Sep 11, 2024
Share this:

 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकास के क्रम में 3 सितंबर को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली में एग्रीश्योर योजना और कृषि निवेश पोर्टल का शुभारंभ किया। एग्रीश्योर – स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों के लिए कृषि फंड एक अभिनव फंड है जो भारत में खेती के परिदृश्य में क्रांति लाने की दिशा में एक अग्रणी कदम है। प्रौद्योगिकी-संचालित, उच्च-जोखिम, उच्च-प्रभाव वाले उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एग्रीश्योर को कृषि और ग्रामीण स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में विकास को बढ़ावा देने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें सेबी द्वारा पंजीकृत श्रेणी-2 का 250 करोड़ रुपये मिश्रित पूंजी कोष, वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के साथ भारत सरकार का योगदान 250 करोड़ रुपये है, नाबार्ड का 250 करोड़ रुपये है, और बैंकों, बीमा कंपनियों और निजी निवेशकों से 250 करोड़ रुपये जुटाए जा रहे हैं।
अपने मुख्य भाषण में शिवराज सिंह चौहान ने नई लाॅन्च की गई पहलों की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एग्रीश्योर फंड का शुभारंभ सरकार के पिछले प्रयासों का ही एक हिस्सा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत में हर किसान को फलने-फूलने के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता मिले। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि से समृद्ध अर्थव्यवस्था बनेगी। एग्रीश्योर पफंड की शुरुआत के साथ सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में निवेश को और आगे बढ़ाना है। यह किसानों को सशक्त बनाएगा और सुलभ एवं किफायती अभिनव समाधानों को गति देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
श्री चौहान ने कृषक समुदाय को समर्थन देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि हमारा लक्ष्य हर किसान को सशक्त बनाना है और एग्रीश्योर फंड का शुभारंभ कृषि क्षेत्र के प्रति हमारे अटूट समर्पण का प्रमाण है। सरकार उत्पादन में वृद्धि, किसानों के लिए उत्पादन की लागत में कमी, किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, फसल विविधीकरण, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को रोकना और फसल बीमा के माध्यम से फसल के नुकसान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करेगी।
श्री चौहान ने कहा कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तो किसान उसके प्राण हैं। देश की जीडीपी में 18 प्रतिशत योगदान आज भी कृषि का है। किसान सबसे बड़ा उत्पादक भी है और उपभोक्ता भी है। 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग खेती पर जिंदा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेती में आय दोगुनी करने का अभियान शुरू किया है और उनके पास किसानों के लिए 6 सूत्र हैं जिन पर वे काम कर रहे हैं। पहला उत्पादन बढ़ाना, जिसके लिए अच्छे बीज जरूरी हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 65 फसलों के बीजों की 109 प्रजातियां किसानों को समर्पित की हैं। उन्होंने बताया कि चावल की एक किस्म ऐसी है जिसे 30 फीसदी कम पानी की जरूरत होती है। बाजरा की एक किस्म ऐसी है जिसकी फसल 70 दिन में तैयार हो जाती है। ऐसे बीज हैं जो जलवायु के अनुकूल हैं और बढ़ते तापमान में भी बेहतर उत्पादन देते हैं। श्री चौहान ने बताया कि उत्पादन की लागत कम करना उनका दूसरा संकल्प है। तीसरा संकल्प उपज का सही मूल्य दिलाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि का विविधीकरण सरकार के रोडमैप में है और हम परंपरागत फसलों के साथ-साथ अधिक आय वाली फसलों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
श्री चौहान ने कहा कि चौथा सूत्र फसल का विविधीकरण है। खेती के साथ-साथ अनेकों प्रकार के अन्य प्रयास किये जा सकते हैं ताकि किसान कम जमीन में भी ज्यादा आमदनी प्राप्त कर सके।
श्री चौहान ने विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैंकों और राज्यों को उनके प्रयासों की सराहना करते हुए एआईएफ उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किये। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी और श्री राम नाथ ठाकुर और सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी भी मौजूद थे।

Share this: