राजस्थान-में-बढ़ती-बारिश
राजस्थान, जिसे प्राय: शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाला प्रदेश माना जाता है, अब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के चलते बदलती मौसमी प्रवृत्तियों का सामना कर रहा है। परंपरागत रूप से जहां राजस्थान में औसतन कम वर्षा होती थी, वहीं हाल के वर्षों में
कृषि में रोजगार की कमी ही नहीं
कृषि में रोजगार के प्रमुख क्षेत्र कृषि में रोजगार के अवसर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे जुड़े कई उप-क्षेत्र भी हैं जहाँ आजीविका कमाई जा सकती है:- फसल उत्पादन : यह कृषि क्षेत्र का मूल आधार है जहाँ किसान बीज
ऋषि, कृषि और कुर्सी का समायोजन ही किसानी का उत्कर्ष है -संत राजेन्द्र विजयजी महाराज
नई दिल्ली। 18 मई 2025। यदि हमें कृषि यानि खेती-किसानी में बहुत उन्नति करनी है तो इसके लिए हमें ऋषि यानि यज्ञ, कृषि मतलब खेती और कुर्सी यानी सत्ता का संतुलित समायोजन करना होगा। ऋषि और कृषि को जीवन प्रदान करने वाले गौवंश
घर में घुसकर मारता है नया भारत!
मनोज कुमार अग्रवाल। हाल ही में ब्रिटेन के बड़े अखबार में प्रकाशित एक लेख काफी चर्चा का विषय बना हुआ है ब्रिटिश अखबार गार्डियन ने अपनी एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है कि पाकिस्तान में पिछले
स्वागत भारतीय नव वर्ष 2081
अशोक त्रिपाठी। दुनिया में सामान्य तौर पर पहली जनवरी को नया साल (न्यू इयर) मनाया जाता है लेकिन सभी देशों के अपने-अपने नये साल भी होते हैं। उनकी पौराणिक मान्यताएं हैं। इसी क्रम में हम भारतीयों का नया वर्ष चैत्र मास के शुक्ल
अद्भुत साहसी हैं सद्गुरू जग्गी वासुदेव
अशोक त्रिपाठी। सद्गुरु जग्गी वासुदेव- यह नाम है उनका और विचित्र साहस भी है उनमें। बचपन में वह जलती चिता से अधजले अंग उठा लेते थे। कब्रिस्तान में घंटों बैठे रहते थे और सबसे ज्यादा साहस सांपों को पकड़ने में दिखाते थे। जहरीले
भावी सांसदों का धनबल व बाहुबल
अशोक त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव-2024 में चुनाव लड़ने वाले धनबल और बाहुबल से फिर सम्पन्न हैं। एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफाम्र्स (एडीआर) तो भरपूर कोशिश करती है कि मतदाताओं को बताया जाए कि जनसेवा का लेबल लगाकर चुनाव लड़ने वाले चुनाव जीतने के बाद चेहरे
‘हरित क्रांति’ के जनक एम. एस. स्वामीनाथन को ‘भारत-रत्न’
महेन्द्र बोरा। ‘भारत-रत्न’ देश सेवा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। वर्ष 2024 के लिए अभी पांच महान विभूतियों को इस सम्मान से नवाजा गया- कर्पूरी ठाकुर, चैधरी चरण सिंह, पी.वी. नरसिम्हा राव, एम.एस. स्वामीनाथन
मणिपुर: हुजूर आते आते बहुत देर कर दी
मनोज कुमार अग्रवाल। उच्च न्यायालय के एक फैसले से उपजे तनाव के बाद मणिपुर में हिंसा का दौर शुरू हुआ था। अब मीलार्ड ने अपना फैसला पलट दिया है लेकिन क्या दो समुदायों के बीच पैदा तनाव हिंसा और अविश्वास को आसानी से
भारत ने देखी राम की ऊर्जा
अशोक त्रिपाठी। सोमवार, 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में नवनिर्मित भव्य-दिव्य मंदिर के गर्भगृह में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पांच वर्षीय बाल्य रूप की प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा की गयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य यजमान थे। वह बहुत ही भावुक, अभिभूत

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