मिश्रित खेती: सतत कृषि और किसान समृद्धि की मजबूत नींव
मिश्रित खेती केवल उत्पादन की प्रणाली नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पोषण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का समग्र मॉडल है। यह किसानों को मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने के साथ-साथ भूमि, जल और जैव विविधता का संरक्षण भी करती है। आज
“विकसित भारत जी‑राम जी योजना” का राष्ट्रीय शुभारंभ
02 जून 2026 | पीआईबी। आंध्र प्रदेश के तिरुपति ज़िले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से “विकसित भारत– जी राम जी योजना” का केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधिवत राष्ट्रीय शुभारंभ किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य
राजस्थान-में-बढ़ती-बारिश
राजस्थान, जिसे प्राय: शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाला प्रदेश माना जाता है, अब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के चलते बदलती मौसमी प्रवृत्तियों का सामना कर रहा है। परंपरागत रूप से जहां राजस्थान में औसतन कम वर्षा होती थी, वहीं हाल के वर्षों में
कृषि में रोजगार की कमी ही नहीं
कृषि में रोजगार के प्रमुख क्षेत्र कृषि में रोजगार के अवसर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे जुड़े कई उप-क्षेत्र भी हैं जहाँ आजीविका कमाई जा सकती है:- फसल उत्पादन : यह कृषि क्षेत्र का मूल आधार है जहाँ किसान बीज
ऋषि, कृषि और कुर्सी का समायोजन ही किसानी का उत्कर्ष है -संत राजेन्द्र विजयजी महाराज
नई दिल्ली। 18 मई 2025। यदि हमें कृषि यानि खेती-किसानी में बहुत उन्नति करनी है तो इसके लिए हमें ऋषि यानि यज्ञ, कृषि मतलब खेती और कुर्सी यानी सत्ता का संतुलित समायोजन करना होगा। ऋषि और कृषि को जीवन प्रदान करने वाले गौवंश
घर में घुसकर मारता है नया भारत!
मनोज कुमार अग्रवाल। हाल ही में ब्रिटेन के बड़े अखबार में प्रकाशित एक लेख काफी चर्चा का विषय बना हुआ है ब्रिटिश अखबार गार्डियन ने अपनी एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है कि पाकिस्तान में पिछले
स्वागत भारतीय नव वर्ष 2081
अशोक त्रिपाठी। दुनिया में सामान्य तौर पर पहली जनवरी को नया साल (न्यू इयर) मनाया जाता है लेकिन सभी देशों के अपने-अपने नये साल भी होते हैं। उनकी पौराणिक मान्यताएं हैं। इसी क्रम में हम भारतीयों का नया वर्ष चैत्र मास के शुक्ल
अद्भुत साहसी हैं सद्गुरू जग्गी वासुदेव
अशोक त्रिपाठी। सद्गुरु जग्गी वासुदेव- यह नाम है उनका और विचित्र साहस भी है उनमें। बचपन में वह जलती चिता से अधजले अंग उठा लेते थे। कब्रिस्तान में घंटों बैठे रहते थे और सबसे ज्यादा साहस सांपों को पकड़ने में दिखाते थे। जहरीले
भावी सांसदों का धनबल व बाहुबल
अशोक त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव-2024 में चुनाव लड़ने वाले धनबल और बाहुबल से फिर सम्पन्न हैं। एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफाम्र्स (एडीआर) तो भरपूर कोशिश करती है कि मतदाताओं को बताया जाए कि जनसेवा का लेबल लगाकर चुनाव लड़ने वाले चुनाव जीतने के बाद चेहरे
‘हरित क्रांति’ के जनक एम. एस. स्वामीनाथन को ‘भारत-रत्न’
महेन्द्र बोरा। ‘भारत-रत्न’ देश सेवा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। वर्ष 2024 के लिए अभी पांच महान विभूतियों को इस सम्मान से नवाजा गया- कर्पूरी ठाकुर, चैधरी चरण सिंह, पी.वी. नरसिम्हा राव, एम.एस. स्वामीनाथन

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