प्रकृति प्रेम का पर्व है हरियाली तीज
हरियाली तीज नारी शक्ति, वैवाहिक प्रेम, श्रद्धा, प्रकृति और संस्कृति का एक सुंदर संगम है। यह पर्व भारतीय संस्कृति की उस भावनात्मक गहराई को दशार्ता है जिसमें धर्म, प्रकृति और सामाजिक मेल-जोल साथ-साथ चलते हैं। आज के आधुनिक युग में भी यह त्योहार
खबरों में खेती-किसानी का हिस्सा कहां!
व्योमेश चन्द्र जुगरान। बचपन में एक गढ़वाली कविता सुनी थी- धै लगैकि धरति बोनि हे मेरा किसाना, पेट तेरो मी भोरलु करदि जा तू धाणा….। यानी हमारी यह धरती पुकार के कह रही है कि- हे किसान, तू खेती और श्रम करता रह,
ऋतु उल्लास व ज्ञान की उपासना का पर्व
रमेश सर्राफ धमोरा। बसंत पंचमी का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। यह एक बहुआयामी त्योहार है जो समृद्ध परंपराओं, कृषि महत्व और आध्यात्मिक परम्पराओं से भरा हुआ है। यह एक
आयकर दाताओं की खुली लाटरी
अशोक त्रिपाठी। केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 8वीं बार बजट पेश करते समय आयकर दाताओं की लाटरी ही खोल दी है। बजट में 12 लाख सालाना कमाने वालों को अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। अभी थोड़े दिनों पहले ही नरेन्द्र मोदी की
अयोध्या, काशी, मथुरा आएं नये साल में
अशोक त्रिपाठी। नया साल नये सपने लेकर आता है। कुछ नया देखने-सुनने, समझने का मन भी होगा। तो चले आइए, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी अयोध्या, योगेश्वर कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और भगवान शिव की बसाई तीन लोक
2024 में कैसी रही देश की राजनीति
अशोक त्रिपाठी। हम प्राप्त को ही पर्याप्त समझें तो वर्ष 2024 को खुशी-खुशी विदा करंे और नये वर्ष का स्वागत करें। बीते वर्ष का राजनीतिक सफर प्रेरणा देने वाला रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालांकि साल के उत्तरार्द्ध में
व्यक्ति नहीं विचार से चौधरी चरण सिंह
रमेश सर्राफ धमोरा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह एक व्यक्ति नहीं विचारधारा थे। चौधरी चरण सिंह ने हमेशा यह साबित करने की कोशिश की थी कि किसानों को खुशहाल किए बिना देश का विकास नहीं हो सकता। उनकी नीति किसानों व
जनसेवक और समाज-सुधारक पटेल
अशोक त्रिपाठी। कहते हैं होनहार बिरवान के होत चीकने पात लेकिन जनसेवक और समाज सुधारकों की पहचान भी बचपन से ही मिल जाती है। सरदार वल्लभभाई पटेल ऐसे ही विलक्षण व्यक्तियों में से थे जिनके तेवर विद्यार्थी काल में ही मिल गये थे।
पदलोलुपता से बिरत नेता मनमोहन सिंह
अशोक त्रिपाठी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व के जाने माने अर्थशास्त्री डा. मनमोहन सिंह का गत 26 दिसम्बर को रात में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। उनके निधन से देश के निवासियों ने एक कमी महसूस की है। एक
महंगाई नियंत्रण के सब उपाय फेल
मनोज कुमार अग्रवाल। देश में खुदरा वस्तुओं की कीमत में पिछले तिमाही में काफी इजाफा हुआ है। सरकार के कीमत नियंत्रण के तमाम उपाय धरे रह जाते है लेकिन महंगाई थमने का नाम नहीं लेती। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कोशिश है कि

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