भारत ने किया वृक्षों का नमन
हृदयनारायण दीक्षित। वातावरण में तनाव है। पृथ्वी का ताप बढ़ रहा है। सभी जीव व्यथित हैं। प्रकृति में अनेक जीव हैं। सब शुद्ध प्राण वायु पर निर्भर हैं। प्राण वायु का मुख्य स्रोत वनस्पतियां हैं। भारतीय राष्ट्रजीवन में वनस्पतियां, औषधियां देवता की श्रेणी
राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ती है हिन्दी भाषा
रमेश सर्राफ धमोरा। किसी भी देश की भाषा और संस्कृति उस देश में लोगों को लोगों से जोड़े रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से हिन्दी और देवनागरी के मानकीकरण की दिशा में अनेक क्षेत्रों में प्रयास
राधा के बिना तो कृष्ण भी अधूरे
पं. आर.एस. द्विवेदी। कृष्ण राधारानी के बिना अधूरे हैं। कृष्ण के नाम से पहले ही राधा का नाम लिया जाता है। जगतजननी राधा रानी का जन्मदिन भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। कहते हैं भाद्रपद की अष्टमी को जन्म
महिलाओं की आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़ वन विभाग
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार
निरूपा कहलाती है ड्रोन वाली दीदी
महिलाएं अब घरों के भीतर चूल्हा-चौका के काम तक सीमित नही रह गई हैं। वे दिन प्रतिदिन नित नए आधुनिक कार्य को सीखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का सतत प्रयास कर रही हैं। इन्ही प्रयासों में से एक बलौदा बाजार विकासखंड के
हिमालय संरक्षण के लिए गठित होगी विशेष कमेटी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 सिंतबर को ‘हिमालय दिवस’ के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के सरोकारों से जुड़े विषयों के लिए महानिदेशक यूकाॅस्ट श्री दुर्गेश पंत के
प्राकृतिक खेती के उत्पादों को एमएसपी प्रदान करने वाला पहला राज्य बना हिमाचल
फ़्रान्स के राष्ट्रीय कृषि, खाद्य एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान (आईएनआरएई) के चार वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। एलआईएसआईएस के उप निदेशक प्रो. एलिसन मैरी लोकोंटो के नेतृत्व में टीम में शोधकर्ता प्रो. मिरेइल मैट, डाॅ. एवलिन
केले की प्राकृतिक खेती ने बदल दी पूरनलाल की तकदीर
परंपरागत खेती अब गुजरे वक्त की बात हो गई है। अब दौर प्राकृतिक और उन्नत खेती का है। प्राकृतिक खेती से होने वाली उपज की आजकल भारी मांग है और इसमें पफायदा भी बहुत है। प्राकृतिक खेती के इन्हीं पफायदों से प्रभावित होकर
मध्य प्रदेश के सिर ‘सोया प्रदेश’ का ताज
भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश 5.47 मिलियन टन सोयाबीन उत्पादन के साथ पहले नंबर पर आ गया है। देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान 41.92 प्रतिशत है। महाराष्ट्र 5.23 मिलियन टन के साथ दूसरे नंबर
कृषि उत्पादों के निर्यात में पांचवे से तीसरे स्थान पर पहुंचा उत्तर प्रदेश
कृषि उत्पादों के निर्यात में उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल यानी वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश देश में पांचवे स्थान पर था। योगी सरकार ने संसाधनों को बेहतर बनाया, सही दिशा में कृषि नीतियां बनायीं और उनको धरातल

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