ईंधन संकट पर ब्राजील का साथ
– अशोक त्रिपाठी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति में भारत के व्यापार को बढ़ाना भी शामिल है। देश में ईंधन पर आने वाले खर्च को देखते हुए मोदी ने विकल्प तलाशे। इथेनॉल सबसे अच्छा विकल्प है। भारत ने इसके लिए ब्राजील का सहयोग लिया। अमेरिका और ब्राजील दुनिया भर का 84 फीसद इथेनॉल पैदा करते हैं। इसलिए इथेनॉल का व्यापार दोनों देशों के लिए लाभप्रद रहेगा। इसके साथ ही विश्व की ज्वलंत समस्याओं पर भी दोनों देश एकमत रहते हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने गत 10 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इजरायल-हमास के मध्य जारी संघर्ष पर बात की थी। ब्राजील को इस बार जी-20 की अध्यक्षता भी मोदी के हाथों सौंपी गयी थी। ब्राजील की दो कंपनियां उत्तर प्रदेश में आनंदा डेयरी के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ब्राजील के राजदूत केनेथनोब्रेगा की मौजूदगी में आनंदा डेयरी के साथ ब्राजील की कंपनी अमेरिया पजोरा और बीएस एम्ब्रियोस के सथ एमओयू हो चुका है। ब्राजील की कंपनी पोषणयुक्त चारा और गोवंश नस्ल सुधार पर भी काम कर रही है। इस प्रकार भारत और ब्राजील की निकटता दिन-प्रतिदिन सुदृढ़ हो रही है।
ब्राजील ने भारत के साथ अपनी इथेनॉल उत्पादन टेक्नोलॉजी साझा करने की पेशकश की है। ब्राजील के कृषि और पशुधन मंत्री कार्लोस फेवरो ने एक इंटरव्यू में कहा कि ब्राजील ने भारत के साथ टेक्नोलॉजी शेयर करना शुरू कर दिया है। ऐसे में भारत आने वाले समय में इथेनॉल उत्पादक देश के रूप में जाना जाएगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि ब्राजील ने वल्र्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (विश्व व्यापार संगठन) में चीनी से संबंधित व्यापार विवाद को पारस्परिक रूप से सुलझाने के लिए बातचीत शुरू की। इसके लिए ब्राजील ने भारत के साथ अपनी इथेनॉल उत्पादन तकनीक साझा करने की पेशकश की है। अधिकारी ने आगे कहा कि ब्राजील ने इथेनॉल टेक्नोलॉजी की पेशकश भारत को अपने अतिरिक्त चीनी उत्पादन का उपयोग करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्राजील के लिए प्रतिस्पर्धा कम करने के लिए की है।
ब्राजील में गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन किया जाता है और इस टेक्नोलॉजी में ब्राजील बेहद आगे है। ऐसे में अब भारत भी ब्राजील से इथेनॉल उत्पादन टेक्नोलॉजी हासिल कर आत्मनिर्भर हो जाएगा। बता दें कि ब्राजील दुनिया में गन्ना का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके बाद गन्ना उत्पादन में भारत का नंबर आता है। भारत चीनी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। एक तरफ ब्राजील ने 2022 में लगभग 11 बिलियन डॉलर की चीनी निर्यात की, वहीं भारत ने लगभग 5.7 बिलियन डॉलर की चीनी निर्यात की। ऐसे में ब्राजील के इस प्रस्ताव से भारत को बेहद फायदा हो सकता है। दरअसल, भारत का लक्ष्य पेट्रोलियम ऑटो ईंधन में इथेनॉल के मिश्रण का प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ाना और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है। ऐसे में इथेनॉल उत्पादन तकनीक भारत के लिए कारगर साबित होगी। ब्राजील ने तर्क दिया है कि भारत इथेनॉल उत्पादन के लिए अपनी अधिशेष चीनी का उपयोग कर सकता है और इसके माध्यम से भारत अपने ईंधन की जरूरतों को पूरा कर सकता है। बता दें कि भारत अपनी 85 प्रतिशत तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। इसके साथ ही, 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य है। मालूम हो कि अमेरिका और ब्राजील दोनों मिलकर दुनिया के कुल इथेनॉल उत्पादन का 84 फीसदी इथेनॉल पैदा करते हैं। हालांकि भारत के पास इथेनॉल बनाने के लिए पर्याप्त चीजें उपलब्ध हैं, ऐसे में लिहाजा देश में इथेनॉल की भरपूर मात्रा हासिल की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने गत 10 नवंबर को पश्चिम एशिया की स्थिति और वहां आतंकवाद, हिंसा और जनजीवन की हानि पर गहरी चिंता व्यक्त की। मोदी की लूला डी सिल्वा से बातचीत इजरायल-हमास के मध्य जारी संघर्ष के बीच हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पीएम मोदी को ब्राजील के राष्ट्रपति को एक टेलीफोन कॉल किया। उन्होंने आतंकवाद, हिंसा और नागरिकों की जान की क्षति पर गहरी चिंता जताई और स्थिति के शीघ्र समाधान के लिए ठोस प्रयासों का आह्वान किया।
ब्राजील का साथ अन्य मामलों में भी मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ नोब्रेगा की उपस्थिति में आनंदा डेयरी के साथ ब्राजीलियन कंपनी अमेरिया पजोरा और बीएच एम्ब्रियोस के साथ औपचारिक एमओयू सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दोनों देशों के बीच आपसी समझ, बढ़ते हुए द्विपक्षीय व्यापार तथा सर्वांगीण सहयोग है। गत दो वर्षों में भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो गया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत से ब्राजील को 4.5 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात किया गया और ब्राजील से भारत को 7.14 बिलियन यूएस डॉलर का आयात हुआ है।
भारत एवं ब्राजील के बीच कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं पशुपालन द्विपक्षीय सहयोग के अन्य प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। ब्राजील और भारत के गोधन की आनुवंशिक विरासत समान है। सदियों पहले निर्यात किए गए गीर और कांकरेज जैसे भारतीय मवेशियों को बड़ी मात्रा में दूध देने के लिए तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार गोवंश संवर्धन, संरक्षण के लिए अब तीन श्रेणियों में गोवंश की गणना कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि तीनों श्रेणियों में प्राथमिकता के आधार पर गणना कराई जाए। इसके बाद इसकी जियो टैगिंग की जाए। पहले चरण में इन गोवंशों की गणना कराई जाएगी। इसके बाद अगले चरण में इनसे जुड़ी कार्ययोजना बनाकर उस पर कार्य होगा। इस क्षेत्र मंे ब्राजील हमारी मदद करने को तैयार है। (हिफी)

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