नमो ड्रोन दीदी योजना
नमो ड्रोन दीदी योजना भारत सरकार द्वारा 30 नवंबर 2023 में शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत 15,000 महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे खेती में कीटनाशकों और उर्वरकों के छिड़काव जैसे कार्यों में दक्ष हो सकें। नमो ड्रोन दीदी योजना न केवल महिलाओं को सशक्त बना रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव में समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है। यह योजना ग्रामीण भारत में परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण साधन बन रही है।
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- योजना के मुख्य बिन्दु
0 शुरुआत: 30 नवंबर 2023
0 ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
0 ड्रोन द्वारा नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है ताकि भविष्य की चुनौतियों से कुशलता से निबटा जा सके।
0 यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू), ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) और उर्वरक विभाग (डीओएफ), डीएवाई-एनआरएलएम के तहत प्रवर्तित महिला स्वयं सहायता समूहों और प्रमुख उर्वरक कंपनियों (एलएफसी) के संसाधनों को एकीकृत करके कार्यान्वित की जाती है।
- योजना की प्रमुख विशेषताएं
0 बजट: इस योजना के तहत अगले चार वर्षों में 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान करने का लक्ष्य है। इस परियोजना के लिए सरकार ने 1,261 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
0 वित्तीय सहायता: सरकार ड्रोन की लागत का 80 प्रतिशत या अधिकतम 8 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। शेष राशि के लिए कृषि अवसंरचना वित्तपोषण सुविधा के माध्यम से ऋण उपलब्ध है, जिस पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
0 प्रशिक्षण और रोजगार: प्रत्येक चयनित महिला समूह के एक सदस्य को 15 दिवसीय ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें कृषि उद्देश्यों के लिए पोषक तत्वों और कीटनाशकों के उपयोग का अतिरिक्त प्रशिक्षण शामिल है। प्रशिक्षित महिला पायलटों को प्रति माह 15,000 रुपये का मानदेय भी प्रदान किया जाता है।
0 उपकरण: प्रशिक्षण के बाद, महिलाओं को आवश्यक उपकरणों (बैटरी, स्प्रे उपकरण, औजार) के साथ एक ड्रोन और एक वर्ष की वारंटी प्रदान की जाती है।
- योजना का उद्देश्य
0 नमो ड्रोन दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को भी मजबूती प्रदान करती है।
0 इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे कृषि कार्यों में ड्रोन का उपयोग कर अपने लिए रोजगार खड़ा कर सकती हैंं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
0 कृषि कार्यों में ड्रोन का उपयोग जैसे कि कीटनाशक का छिड़काव, सर्वेक्षण, और फसल निरीक्षण को बढ़ावा मिलता है।
- कार्यान्वयन की प्रक्रिया
0 प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना: हर जिले में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गये हैं।
0 सहयोगी संस्थान: योजना को सफल बनाने के लिए राज्य सरकारें, कृषि विभाग और तकनीकी संस्थान मिलकर काम करते हैं।
0 सब्सिडी और वित्तीय सहायता: महिलाओं को ड्रोन खरीदने और संचालन में सहायता प्रदान की जाती है।
0 ड्रोन लाइसेंसिंग: प्रशिक्षित महिलाओं को ड्रोन संचालन के लिए लाइसेंस भी प्रदान किया जाता है।
- लाभ और प्रभाव
0 इस योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षित होकर कृषि सेवाएं प्रदान करती हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश की कई महिलाएं ड्रोन संचालन के माध्यम से प्रति माह 60,000 से 70,000 रुपये तक कमा रही हैं।
0 इस योजना से न केवल महिला समूहों को स्थायी व्यवसाय और आजीविका के अवसर मिलते हैं, बल्कि किसानों को भी उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव में दक्षता बढ़ाने में सहायता मिलती है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके अलावा, यह पहल ग्रामीण महिलाओं को नवीनतम तकनीक से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
0 कृषि में नवाचार को बढ़ावा मिलता है। ड्रोन के माध्यम से खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव होने से समय, श्रम, स्वास्थ्य और पैसों की बचत होती है।
0 आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होने से फसल उत्पादन में सुधार होता है और पर्यावरणीय संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
0 इस योजना से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने का काम होता है, डिजिटल साक्षरता बढ़ती है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।
- पात्रता
0 आवेदक महिला की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
0 केवल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं।
0 पात्र महिला को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है।
- आवेदन प्रक्रिया
वर्तमान में, इस योजना के लिए कोई आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध नहीं है। इच्छुक महिलाएं अपने स्थानीय स्वयं सहायता समूह से संपर्क करके ऑफलाइन आवेदन पत्र भर सकती हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए, संबंधित राज्य या जिला स्तर के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्रों से संपर्क किया जा सकता है। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:-
0 आधार कार्ड
0 स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र
0 पैन कार्ड
0 फोन नंबर
0 ईमेल आईडी
0 पासपोर्ट साइज फोटो
0 स्वयं सहायता समूह का पहचान पत्र
- चुनौतियाँ और समाधान
0 प्रशिक्षण की कमी: दूरदराज के इलाकों में महिलाओं को प्रशिक्षण देना चुनौतीपूर्ण है। इसके समाधान के रूप में मोबाइल प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जा सकते हैं।
0 वित्तीय सहायता की कमी: सरकार को और अधिक वित्तीय योजनाओं का प्रावधान करना होगा।
0 तकनीकी ज्ञान का अभाव: महिलाओं को ड्रोन तकनीक की बारीकियों को समझने के लिए निरंतर शिक्षा की आवश्यकता है।

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