Krishi Chaupal

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

Jul 26, 2025
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प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गयी है। यह योजना किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक संकट से बचाती है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती है। आम तौर पर बुढ़ापे में शारीरिक असक्तता और पैसों का अभाव होने के कारण किसानों का जीवन बड़ा कष्टप्रद हो जाता है, ऐसे में यह योजना उनके रोजमर्रा के खर्च पूरा करने में काफी हद तक मदद करती है। यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो किसान कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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  • योजना के मुख्य बिन्दु
    0 लॉन्च की तारीख : 9 अगस्त 2019
    0 लाभार्थी : देश के सभी पात्र किसान
    0 निधि स्रोत : भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत वित्त पोषित।
    0 खासियत : किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद प्रति माह रुपए 3,000 की पेंशन प्रदान करती है और उनके बुढ़ापे का सहारा बनती है।
  • योजना के उद्देश्य
    0 किसानों को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा देना।
    0 किसानों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना।
    0 कृषि क्षेत्र में कार्यरत छोटे किसानों की मदद करना।
    0 किसानों को बुढ़ाने में आत्मनिर्भर बनाना।
  • पात्रता एवं लाभार्थी
    (क) पात्रता शर्तें
    इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी :-
    0 आवेदक एक सक्रिय किसान होना चाहिए।
    0 छोटे और सीमांत किसान (जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि हो)।
    0 उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो।
    0 पहले से किसी अन्य पेंशन योजना (EPFO, NPS, ESIC) का लाभ नहीं ले रहे हों।
    0 किसान की मासिक आय रुपये 15,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    0 आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
    0 भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
    (ख) लाभ
    0 रुपए 3,000 प्रति माह पेंशन (60 वर्ष की आयु के बाद)।
    0 पति-पत्नी दोनों योजना में शामिल हो सकते हैं, जिससे रुपए 6,000 तक की पेंशन प्राप्त की जा सकती है।
    0 किसान अंशदान करने के बाद इनकम टैक्स छूट का भी लाभ ले सकते हैं।
    0 नॉमिनी सुविधा उपलब्ध है—यदि पेंशनधारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति/पत्नी को 50 प्रतिशत पेंशन मिलती रहेगी।
  • योजना के तहत अंशदान और योगदान
    इस योजना के तहत किसान को 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के अनुसार मासिक अंशदान करना होता है, जो निम्नलिखित है :-
    उम्र (वर्ष) मासिक अंशदान (रुपए) सरकार का योगदान (रुपए)
    18      55      55
    25     80      80
    30    105     105
    35    135      135
    40    200     200
  • सरकार भी किसान द्वारा जमा किए गए अंशदान के बराबर ही योगदान करती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई 30 वर्षीय किसान 105 रुपए मासिक अंशदान करता है, तो सरकार भी उसके खाते में 105 रुपए जमा करेगी।
  • योजना में आवेदन प्रक्रिया
    (क) आवश्यक दस्तावेज
    0 आधार कार्ड
    0 भूमि का रिकॉर्ड
    0 बैंक पासबुक और बैंक खाता संख्या
    0 मोबाइल नंबर
    0 पासपोर्ट साइज फोटो
    (ख) आवेदन करने की प्रक्रिया
    0 नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएँ।
    0 आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी दें।
    0 बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराएं।
    0 आवेदन फॉर्म भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
    0 मासिक अंशदान की राशि का चयन करें।
    0 आॅटो-डेबिट सुविधा के लिए बैंक खाते को लिंक करें।
    0 पंजीकरण पूरा होने के बाद पेंशन कार्ड जारी किया जाएगा, जिसमें आपका पेंशन खाता नंबर दर्ज होगा।
    0 किसान इस योजना की जानकारी और आवेदन की स्थिति जानने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-3000-3468 पर संपर्क कर सकते हैं।
  • योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
    0 यदि कोई किसान 60 वर्ष से पहले योजना छोड़ना चाहता है, तो उसे उसके अंशदान की राशि ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी।
    0 यदि किसी किसान की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति/पत्नी को आजीवन 50 प्रतिशत पेंशन मिलती रहेगी।
    0 यदि पति-पत्नी दोनों सदस्य हैं, तो दोनों को स्वतंत्र रूप से पेंशन प्राप्त होती है।
    0 यह योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) योजना से बिल्कुल अलग है, लेकिन पीएम-किसान लाभार्थी किसान भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
    0 किसान महीने में एक बार या साल में एक साथ अंशदान कर सकते हैं।
    0 किसानों के लिए सरकार द्वारा बराबर की सहयोग राशि दी जाती है, जिससे यह योजना अधिक लाभकारी बन जाती है।
    0 यह योजना छोटे व्यापारियों और स्व-नियोजित व्यक्तियों के लिए लागू की गयी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना जैसी ही है।
  • महत्वपूर्ण लिंक
    0 आधिकारिक वेबसाइट: pmkmy.gov.in
    0 हेल्पलाइन नंबर : 155261 / 011-24300606
  • चुनौतियाँ
    0 ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी।
    0 पंजीकरण प्रक्रिया में बायोमेट्रिक असफलता।
    0 छोटे और सीमांत किसानों तक जानकारी न पहुंच पाना।
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