Krishi Chaupal

प्रधानमंत्री कुसुम योजना

प्रधानमंत्री कुसुम योजना

Jul 27, 2025
Share this:

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (पीएम-कुसुम) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सशक्त बनाना और कृषि में बिजली की निर्भरता को हरित ऊर्जा की ओर स्थानांतरित करना है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह न केवल उन्हें सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है, बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर भी देती है। इससे कृषि में आधुनिकीरण होगा और यह आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूत करेगी।

——————————————————————————————————————————————-

  • योजना के मुख्य बिन्दु
  • यह योजना 8 मार्च 2019 में शुरू की गई थी और इसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा लागू किया जा रहा है।
  • इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) है।
  • कृषि में बिजली और डीजल की निर्भरता को कम कर किसानों की आय बढ़ाना इसका मकसद है।
  • योजना को 2026 तक बढ़ा दिया गया है और इसे ग्रामीण भारत में व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है। सरकार इस योजना के तहत लाखों किसानों को लाभ पहुंचाने की योजना बना रही है।
  • योजना के उद्देश्य
  • किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना: कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली बिजली के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  • डीजल पर निर्भरता कम करना: डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों का उपयोग बढ़ाना।
  • बिजली आपूर्ति में सुधार: किसानों को अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने और इसे ग्रिड को बेचने का अवसर देना।
  • हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना: पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  • योजना के तीन मुख्य घटक
  • 1. ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं
  • किसानों, किसान समूहों, सहकारी समितियों, पंचायतों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने की अनुमति दी जाती है।
  • यह बिजली ग्रिड को बेची जा सकती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
  • 2. कृषि पंपों के सौरकरण के लिए सब्सिडी
  • डीजल और बिजली से चलने वाले पंपों को सौर ऊर्जा संचालित पंपों में बदला जाएगा।
  • 7.5 हॉर्स पावर (एचपी) तक के सौर पंपों के लिए 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है, जबकि 30 प्रतिशत लोन की सुविधा होती है।
  • 3. मौजूदा कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ना
  • किसानों के मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
  • इससे दिन के समय किसानों को बिजली उपलब्ध होगी और ग्रिड पर लोड कम होगा।
  • योजना के लाभ
  • किसानों को मुफ्त या कम लागत में बिजली प्राप्त होगी।
  • अतिरिक्त सौर ऊर्जा उत्पादन से आय का एक नया स्रोत बनेगा।
  • डीजल पंपों की जगह सौर पंपों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण होगा।
  • बिजली की उपलब्धता बढ़ने से सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा।
  • सरकार से वित्तीय सहायता और सब्सिडी मिलेगी, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
  • सब्सिडी और वित्तीय सहायता
  • केंद्र सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देती है, राज्य सरकारें भी 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं।
  • किसानों को केवल 10 प्रतिशत तक की राशि स्वयं देनी होती है, जबकि शेष 30 प्रतिशत बैंक लोन के रूप में उपलब्ध होता है।
  • कैसे करें आवेदन?
  • किसान पीएम-कुसुम योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं:-
    आधिकारिक वेबसाइट
  • नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट mnre.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
  • राज्य सरकारों की नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसियों की वेबसाइट पर भी आवेदन कर सकते हैं।
  • pmkusum.mnre.gov.in या PM-KUSUM ऐप से भी जानकारी ली जा सकती है।
  • ऑफलाइन आवेदन
  • संबंधित जिला कृषि अधिकारी या नवीकरणीय ऊर्जा विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
  • आवश्यक दस्तावेज
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • भूमि के स्वामित्व का प्रमाण
  • बिजली बिल (यदि लागू हो)
Share this: