Krishi Chaupal

दीदीयों ने बनाया प्लास्टिक का आसान विकल्प कपड़े का थैला

दीदीयों ने बनाया प्लास्टिक का आसान विकल्प कपड़े का थैला

May 3, 2023
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यह कहानी है स्व सहायता समूह की दीदियों की जो पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने में अपना सहयोग दे रहीं हैं( साथ ही संदेश दे रहीं हैं कि स्वस्थ्य जीवन जीना चाहते हैं तो प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाकर कपड़े के थैले का इस्तेमाल करें।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप दंतेवाड़ा जिले में लगातार पर्यावरण के हित में कई कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही प्रशासन द्वारा समय-समय पर कठोर कदम भी उठाए जा रहे हैं। जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग के खिलाफ कार्यवाही लगातार की जा रही है। राजस्व विभाग और नगरी निकायों के द्वारा साप्ताहिक हाटों एवं दुकानों में निरीक्षण किया जा रहा है। यदि दुकानदार व विक्रेता पॉलीथिन उपयोग करते पाया जा रहा है तो उनके उपर आर्थिक अर्थदंड भी लगाया जा रहा है। प्लास्टिक ने जीवन को आसान बनाया है लेकीन प्लास्टिक पर हमारी निर्भरता ने हमारे जीवन के साथ अन्य जीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर अनेक दुष्प्रभावों को भी जन्म दिया है। पर्यावरण पर इसके प्रभाव की गंभीरता को देखते हुए शासन प्रशासन का प्रयास रहा के प्लास्टिक मुक्त कर स्वच्छ वातावरण बनाने में अपना योगदान दें। दंतेवाड़ा जिले को प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने में प्रशासन भी लोगों के व्यवहार में परिवर्तन ला रहा है।
दंतेवाड़ा जिले में महिला सशक्तिकरण केन्द्र समूहों के महिलाओं के द्वारा कपड़े से निर्मित थैले का निर्माण किया जा रहा है। अब तक समूहों के द्वारा 11 सौ कपड़े के थैले निर्मित किये जा चुके हैं। समूहों के द्वारा एक थैला की कीमत 10 रुपए निर्धारित की गयी है। जिसमें से 6.64 क्विंटल बायोडिग्रेडबल कैरी बैग विक्रय किये गये हैं जिनकी लागत 1,40,610 रुपये है। इससे महिलाओं को 15,000 रुपये की आय प्राप्त हुई है। महिला सशक्तिकरण केन्द्र समूहों की दीदीयां बताती हैं कि उन्हें बेहद खुशी है कि पर्यावरण के हित में योगदान दे पा रहीं है। उनका कहना है कि यह पहला मौका है कि हम आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरण के लिए कुछ कर पा रही हैं। समूहों कि दीदीयां प्रति महिला सालाना पोटाकेबिन, आंगनबाड़ी केन्द्रों का काम कर लगभग 30 हजार रुपए से ज्यादा कमा लेती हैं। वे कहती हैं कि बच्चों के स्कूल की फीस, घर के छोटे-मोटे खर्च, खुद के खर्च के साथ पर्यावरण के हित में काम कर पाना हमारे लिए खुशी की बात है।

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