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विपक्ष के लिए भारी रहा साल साल 2023

विपक्ष के लिए भारी रहा साल साल 2023

Jan 4, 2024
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अशोक त्रिपाठी।

उलट-पलट से भरा 2023 वर्ष विदाई की तरफ बढ़ रहा है। यह वर्ष विपक्षी दलों के लिए भारी साबित हुआ है और नरेन्द्र मोदी की सरकार के खाते में कई सफलताएं दर्ज हुई हैं। अगले साल का प्रारम्भ अयोध्या में रामलला के जन्म स्थल पर बनाए गये नव्य एवं भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से शुरू होगा जिसमें मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होंगे। इससे पूर्व पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मध्य प्रदेश में जहां सत्ता बरकरार रखी, वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सत्ता कांग्रेस से छीनकर विपक्षी दलों के महागठबंधन इंडिया में दरार भी डाल दी है। वर्ष 2022 के अंत में भी भाजपा ने गुजरात में शानदार जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस को जबर्दस्त पटकनी दी थी। राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 156 विधायक मिले, जो सर्वाधिक संख्या थी। कांग्रेस को सिर्फ 17 विधायक मिले पाये थे और बहुत शोर मचाने वाली आप को तो सिर्फ 5 विधायक मिले। उसी महीने हिमाचल में भी चुनाव हुए थे और वहां कांग्रेस सरकार बनाने में सफल रही थी। इसके बाद मार्च 2023 में त्रिपुरा, मेघालय और नगालैण्ड में भी भाजपा ने अपनी जीत का क्रम जारी रखा। त्रिपुरा में भाजपा को 60 में से 32 विधायक मिले थे। साल के मध्य में कांग्रेस को कर्नाटक में सरकार बनाने का अवसर जरूर मिला लेकिन दिसम्बर में उसे दो बड़े राज्य गंवाने पड़े। इस बीच राहुल गांधी की सदस्यता छिनी। हालांकि बाद में मिल भी गयी लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता जेल में पहुंच गये और टीएमसी की महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यती छिनी।

साल 2023 कई अहम सियासी घटनाओं का गवाह बना। यही वह साल रहा जब देश की संसद ने लोकसभा एवं राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं की 33 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानून बना। इसी साल विपक्ष के बड़े नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा के लिए अयोग्य घोषित हुए, और बाद में अपनी सांसदी बचाने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना पड़ा।

2023 की शुरुआत भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं बीजेपी सांसद पर खिलाड़ियों द्वारा यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाने से हुई। एक तरफ जहां बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक जैसे स्टार रेसलर धरना देते गंभीर आरोप लगाते रहे, वहीं दूसरी तरफ बृजभूषण सारे आरोपों से इनकार करते रहे।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। सिसोदिया की यह गिरफ्तारी शराब नीति से जुड़े मामले में की गई। सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी के बाद 1 मार्च 2023 को दिल्ली के डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पूर्व पार्टी के कई शीर्ष नेताओं की अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी थी। पार्टी के सांसद संजय सिंह और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर भी कानून का शिकंजा कसा गया। इसके बाद 2 मार्च को त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आए और एक बार फिर बीजेपी का परचम 2 सूबों में लहरा गया। पार्टी ने जहां त्रिपुरा और नागालैंड में अपनी सरकार कायम रखी, वहीं मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा अस्तित्व में आई। हालांकि मेघालय में सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं हुआ और कोनराड संगमा की ही अगुवाई में एक बार फिर नेशनल पीपुल्स पार्टी की सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से लोकसभा सांसद राहुल गांधी को अदालत के एक फैसले के बाद संसद सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। ‘मोदी सरनेम मानहानि केस’ में राहुल गांधी को 2 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने फैसले पर स्टे लगा दिया जिसके बाद राहुल गांधी एक बार फिर संसद सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखने के योग्य हो गए।

इसी साल विपक्षी दल एक हुए । 18 जुलाई 2023 को विपक्षी दलों ने इंडिया नाम से एक गठबंधन का एलान किया। इस गठबंधन का लक्ष्य 2024 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की सरकार को सत्ता से बाहर करना है। हालांकि विधानसभा चुनावों के दौरान इस गठबंधन के सदस्यों में तालमेल की कमी देखी गई। इस साल की एक बड़ी उपलब्धि महिला आरक्षण बिल या नारी शक्ति वंदन अधिनियम रहा जिसे 29 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई और इसी के साथ यह कानून बन गया। इसके साथ ही लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो गई हैं। इस बिल को संसद के विशेष सत्र में पेश किया गया था। यह विधेयक 20 सितंबर को लोकसभा और 21 सितंबर को राज्यसभा में पारित हुआ था।

साल के अंत 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के चुनाव नतीजे आए और बीजेपी ने इन 4 में से 3 राज्यों में शानदार जीत दर्ज की। बीजेपी ने जहां राजस्थान और छ्त्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया, वहीं मध्य प्रदेश में अपनी कुर्सी बरकरार रखी। कांग्रेस ने भी पहली बार तेलंगाना में विधानसभा चुनाव जीता, जबकि 4 नवंबर को आए मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजो में क्षेत्रीय पार्टी ने जीत हासिल की।

दक्षिण भारत के अहम राज्य कर्नाटक में मई में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज करते हुए बीजेपी को सत्ता से बाहर कर दिया। कांग्रेस ने विधानसभा की 224 में से 135 सीटों पर जीत दर्ज की और एक बड़े बहुमत से अपनी सरकार बनाई। कर्नाटक चुनावों में हार के साथ ही दक्षिण भारत में बीजेपी का सबसे मजबूत किला कर्नाटक ढह गया। बीजेपी को चुनावों में सिर्फ 66 सीटें मिलीं और बीएस येदियुरप्पा की जगह बसवराज बोम्मई को सीएम बनाने का पार्टी का प्लान फेल हो गया।

इसी साल 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर भारत के नए संसद भवन का उद्घाटन किया। हालांकि भारतीय इतिहास के सबसे गौरवशाली दिनों में से एक विवादों से अछूता न रहा। कुल 20 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को कार्यक्रम के लिए दरकिनार करने का फैसला किया।

विपक्ष के लिए एक झटका फिर लगा। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में 8 दिसंबर को लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट के आधार पर ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ के लिए सदन की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। इससे पहले सदन में लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद उसे मंजूरी दी गई जिसमें मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी। महुआ ने 2019 में करीमनगर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। (हिफी)

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