उत्तराखंड के पहाड़ों में मानव और बाघों के बीच संघर्ष चरम पर
बाघ के खौफ ने पहाड़ी गांवों में सहजता वाला जनजीवन छीन लिया है। शायद ही कोई दिन गुजरता हो, जब लोगों पर बाघों के हमले की खबर न आती हो। हाल में पौड़ी जिले में रिखणीखाल और धूमाकोट तहसीलों के कम से कम
पंचायती राज और ग्राम पंचायत
भारतीय संविधान में शासन चलाने से सम्बन्धित कुछ निर्देशक सिद्धांतों का भी उल्लेख है। इन्हें राज्य के नीति-निर्देशक तत्व (ऊढरढ – ऊ्र१ीू३्र५ी ढ१्रल्लू्रस्र’ी२ ङ्मा र३ं३ी ढङ्म’्रू८) कहते हैं। इन सिद्धांतों में से एक सिद्धांत यह है कि भारत की सरकार देश में ग्राम
पंचायती राज और ग्राम पंचायत
भारतीय संविधान में शासन चलाने से सम्बन्धित कुछ निर्देशक सिद्धांतों का भी उल्लेख है। इन्हें राज्य के नीति-निर्देशक तत्व कहते हैं। इन सिद्धांतों में से एक सिद्धांत यह है कि भारत की सरकार देश में ग्राम स्वशासन की दिशा में कार्रवाई करे। इस
अजोला : दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक आहार
अपनी विशेष खासियत की वजह से अजोला पशुओं के लिए एक संतुलित आहार के रूप में पाया गया है। इसमें प्रोटीन की प्रचुर मात्रा, खनिज पदार्थ एवं अमीनो अम्ल भी पाये जाते हैं। अजोला खिलाने से पशु स्वस्थ एवं निरोग रहता है और
आवश्यक है जैविक खेती
वर्ष 1960 के मध्य में पारंपरिक खेती तथा बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण पूरे देश में अकाल की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी। उन परिस्थितियों में भारत ने विदेशों से संकर प्रजाति के बीजों का आयात किया। अपनी अधिक उत्पादन क्षमता के कारण
जीवन के लिए आवश्यक है जैव विविधता
जैव विविधता की समरसता को बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी धरती की पर्यावरण संबंधित स्थिति में तालमेल बनाए रखें। जैव विविधता जितनी समृद्ध होगी उतना ही सुव्यवस्थित और संतुलित हमारा पर्यावरण होगा। जैव विविधता मुख्य रूप से अलग-अलग
धामी ने मोदी के सम्मुख रखी राज्य की समस्याएं
राज्य के सामने 24 का चुनावी समर हो या आत्मनिर्भर उत्तराखंड@25 जैसे महात्वाकांक्षी लक्ष्य, इनको हासिल कर लेना इतना आसान काम नहीं है। हालांकि इस तरह के लक्ष्य नवंबर 2021 में ही पुष्कर सिंह धामी की पहली पारी के दौरान आगामी चुनाव को
जी-20 समिट 2023: भारत पर भरोसा
जी-20 दुनिया के 20 बड़े देशों का एक ऐसा समूह है जो वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एक संगठन के रूप में काम करता है। जब सभी 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष चर्चा करने के लिए एक निश्चित समय और तय स्थान पर इकट्ठा होते
रायपुर में 72 किसान परिवारों को चाय की खेती से मिला रोजगार
प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की जलवायु मिट्टी चाय और काफी की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। जिला प्रशासन, स्थानीय किसानों को चाय-काफी के साथ ही साथ फल-फूल, मसालें की खेती के लिए प्रोत्साहित
छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में हो रहा सुधार
गोधन न्याय योजना को पूरे तीन साल हो गए। इस योजना को राज्य में आज ही के दिन 20 जुलाई 2020 को (हरेली तिहार) से शुरू किया था। छत्तीसगढ़ के पशुपालकों से दो रुपए किलो की दर से गोबर खरीदा जा रहा है

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