पंचायती राज और ग्राम पंचायत
भारतीय संविधान में शासन चलाने से सम्बन्धित कुछ निर्देशक सिद्धांतों का भी उल्लेख है। इन्हें राज्य के नीति-निर्देशक तत्व कहते हैं। इन सिद्धांतों में से एक सिद्धांत यह है कि भारत की सरकार देश में ग्राम स्वशासन की दिशा में कार्रवाई करे। इस
अजोला : दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक आहार
अपनी विशेष खासियत की वजह से अजोला पशुओं के लिए एक संतुलित आहार के रूप में पाया गया है। इसमें प्रोटीन की प्रचुर मात्रा, खनिज पदार्थ एवं अमीनो अम्ल भी पाये जाते हैं। अजोला खिलाने से पशु स्वस्थ एवं निरोग रहता है और
आवश्यक है जैविक खेती
वर्ष 1960 के मध्य में पारंपरिक खेती तथा बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण पूरे देश में अकाल की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी। उन परिस्थितियों में भारत ने विदेशों से संकर प्रजाति के बीजों का आयात किया। अपनी अधिक उत्पादन क्षमता के कारण
जीवन के लिए आवश्यक है जैव विविधता
जैव विविधता की समरसता को बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी धरती की पर्यावरण संबंधित स्थिति में तालमेल बनाए रखें। जैव विविधता जितनी समृद्ध होगी उतना ही सुव्यवस्थित और संतुलित हमारा पर्यावरण होगा। जैव विविधता मुख्य रूप से अलग-अलग
धामी ने मोदी के सम्मुख रखी राज्य की समस्याएं
राज्य के सामने 24 का चुनावी समर हो या आत्मनिर्भर उत्तराखंड@25 जैसे महात्वाकांक्षी लक्ष्य, इनको हासिल कर लेना इतना आसान काम नहीं है। हालांकि इस तरह के लक्ष्य नवंबर 2021 में ही पुष्कर सिंह धामी की पहली पारी के दौरान आगामी चुनाव को
जी-20 समिट 2023: भारत पर भरोसा
जी-20 दुनिया के 20 बड़े देशों का एक ऐसा समूह है जो वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एक संगठन के रूप में काम करता है। जब सभी 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष चर्चा करने के लिए एक निश्चित समय और तय स्थान पर इकट्ठा होते
छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में हो रहा सुधार
गोधन न्याय योजना को पूरे तीन साल हो गए। इस योजना को राज्य में आज ही के दिन 20 जुलाई 2020 को (हरेली तिहार) से शुरू किया था। छत्तीसगढ़ के पशुपालकों से दो रुपए किलो की दर से गोबर खरीदा जा रहा है
पिछले नौ वर्षों में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की उपलब्धि
1. पशुधन क्षेत्र पशुधन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का एक महत्वपूर्ण उपक्षेत्र है। 2014-15 से 2020-21 के दौरान (स्थिर कीमतों पर) इसमें 7.93 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ोतरी हुई। कुल कृषि और संबद्ध क्षेत्र जीवीए (स्थिर कीमतों पर) में पशुधन का योगदान
पहाड़ की खेती की समस्याओं का समाधान है चकबंदीः गणेश सिंह गरीब
उत्तराखंड में बुद्धिजीवी और राजनीतिक पार्टियां चकबंदी की बात करती रहती हैं, लेकिन अभी तक कुछ हो नहीं पाया है। कमजोर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसा हुआ है। इस बीच राज्य में पलायन बढ़ा है, खेती घटी है और व्यवस्था चरमरा
पोषक तत्वों से भरपूर छत्तीसगढ़ का बोरे-बासी
छत्तीसगढ़ राज्य के निवासियों के जीवन में बासी इतना घुला-मिला है कि समय बताने के लिए भी सांकेतिक रूप से इसका उपयोग किया जाता है। सुबह जब कहीं जाने की बात होती है तो बासी खाकर निकलने का जवाब मिलता है, इससे पता

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