सूक्ष्म सिंचाई निधि
माइक्रो इरीगेशन फण्ड की स्थापना वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के अंतर्गत की गई। इसे नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के तहत क्रियान्वित किया गया। इस फंड की प्रारंभिक राशि 5000 करोड़ रुपये रखी गई थी, जिसका
पंडित दीन दयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा योजना
पंडित दीन दयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा योजना को 2016 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य कृषि शिक्षा को बढ़ावा देना और जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और गाय आधारित अर्थव्यवस्था जैसी प्रथाओं को बढ़ावा
राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम)
ई-नाम (National Agriculture Market – eNAM) भारत सरकार की एक आॅनलाइन कृषि विपणन पहल है, जिसे कृषि उत्पादों की पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यह एक पैन-इंडिया इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जो देश भर
परम्परागत कृषि विकास योजना
परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू की गयी एक प्रमुख योजना है जो राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत आती है। इसका उद्देश्य किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करना है ताकि रासायनिक
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) 1 जुलाई 2015 को शुरू की थी। इसका उद्देश्य पूरे भारत में कृषि में सिंचाई कवरेज और जल दक्षता में सुधार करना है। इस योजना का उद्देश्य ‘हर खेत को पानी’ प्राप्त करना और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम) भारतीय कृषि के लिए एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके खेत की मिट्टी की सेहत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे उर्वरकों और पोषक तत्वों का संतुलित
कृषि विस्तार पर उप-मिशन
वर्ष 2014 से लागू की गयी कृषि विस्तार पर उप-मिशन (एसएमएई) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उप-मिशन है, जिसका उद्देश्य किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीक, जानकारी, और सेवाओं को पहुँचाना है। यह मिशन कृषि उत्पादन को बढ़ाने, किसानों की
कृषि विपणन के लिए एकीकृत योजना
वर्ष 2014 में शुरू की गयी कृषि विपणन के लिए एकीकृत योजना (आईएसएएम) का उद्देश्य कृषि विपणन के बुनियादी ढांचे में सुधार करना और किसान के स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है। यह एक प्रमुख योजना है जिसे बाजारों तक बेहतर
एकीकृत बागवानी विकास मिशन
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) योजना को 2014-15 से देश में बागवानी के समग्र विकास के लिए लागू किया गया है, जिसमें फल, सब्जियां, जड़ और कंद वाली फसलें, मशरूम, मसाले, फूल, सुगंधित पौधे, नारियल, काजू और कोको शामिल हैं। सभी राज्य/केंद्र शासित
कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन
कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन योजना को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014-15 में शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना और कृषि कार्यों को अधिक कुशल, उत्पादक और

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